#109

Tu aakhir tak mujhme kisi phool main khusbu ki tarah.

.

Main bhe aakhir tak yaheen hun kinhi patoon per oos sa. . . .

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#107

मेरी बेपरवाही और तेरा ख्याल

अलग अलग पहलू हैं 

इस इश्क़ तेरे मेरे 

मुकम्मल की 
©वैभव 

#106

Tum mere ho sirf mere

                    Kehkar nazren milana tera

Is ek pal main tere pyaar pe

                        Sou baar mara hun mai

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तुम मेरे हो सिर्फ मेरे 

                            कहकर नज़रें मिलाना तेरा

इस एक पल में तेरे प्यार 

                            पे सौ बार मरा हूँ मैं 

©वैभव सागर

#103

तू घड़ी भर और रुक जा

की मेरी ये बात अधूरी है

अभी ठीक से देखा भी नही 

और ये मुलाकात अधूरी है । । ।

#100

बेवजह बातें हमारी तुम्हारी 

मैं तुमको सुनते जाता हूँ

तुम मुझको सुनती जाती हो

मेरे बहुत सवालों का तुम 

एक जबाब दे पाती हो

ये कुछ नहीं तेरा मेरा 

कितना कुछ होता है ना ।

वैभव सागर 

#96

​मुझे सिर्फ दो चीजोंसे डर लगता है, 

 तेरे रोने से और तुझे खोने से.. 


Via :source shayari.

#91

​अकेला वारिस हूँ उसकी तमाम नफरतों का, 

 जो शख्स सारे शहर में प्यार बाटंता है…

#88

​लिपट-लिपट के कह रही हैं मुझसे ये सर्द हवाएं, 

 

 इक रात की मोहलत दो अलविदा कहने के लिए… 

#85

​जिसकी वजह से हम बदनाम हुये हैं शहर में यारो,  

उस शक़्स को आज तक हमने करीब से देखा तक नहीं…