#114

सुना है तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग.. एक नज़र हमको भी देख लो.. ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती..!!

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#113

वो तो अपना दर्द रो रो कर सुनाते रहे,

हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे,

हमें ही मिल गया खिताब बेवफा का क्योंकि

हम हर दर्द मुस्कुराकर छुपाते रहे।।।।।।।

दो पल क़याम करता चलूँ

जो तुम रोक लो दो पल क़याम करता चलूँ

तुम्हारी नज़रो में खोकर मैं शाम करता चलूँ

तेरी दिल्लगी को जाना तो ये दिल की लगी हो

तेरी बातों को सुनना मेरी आशिक़ी हो

न रह पाने का गुमशुम अगर तज़ुर्बा हो तुम्हे 

तो मेरे साथ चलना ओर फासले मुल्तवी हो

तुम्हारी हाथों के छुवन को पैगाम कहता चलूँ

जो तूम रोक ले मुझको दो पल क़याम करता चलूँ

.

मिलने की फिर से अगर तेरी ख्वाइश हो

ज़माने भर से हो रंजिश घटा कैसी भी छायी हो

अगर दीदार की खातिर कहीं जाना पड़े तो

थोड़ा तुम सफर करना थोड़ा साथ तन्हाई हो

फिर मिलूं तो तेरे अरमानों का एहतराम करता चलूँ

जो तुम रोक लो मुझको दो पल क़याम करता चलूँ 

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तुम्हारी बाहों के घेरे में मेरा अपना बसेरा हो

तुम्हारी जुल्फों के नीचे मेरा हेर सवेरा हो

तुम्हारी नज़रों में देखूं यहां मैं ये दुनिया सारी

हमेशा साथ रहूँ तेरे मौका चाहे अन्धेरा हो

की बस तुझको चाहने का इल्जाम करता चलूँ 

तेरे बेपरवाह ख्यालों का गुमान करता चलूँ

जो तुम रोक लो मुझको दो पल क़याम करता चलूँ

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©वैभव सागर


#105

तेरे प्यार से फुरसत नही

मेरा मासूम दिल नही रुकता

देख लेना मेरी आँखों में 

मुकम्मल शब्द नही मिलता।

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©वैभव सागर 

#103

तू घड़ी भर और रुक जा

की मेरी ये बात अधूरी है

अभी ठीक से देखा भी नही 

और ये मुलाकात अधूरी है । । ।