#108

ना भटके है मन मेरा तेरी गली

ऐसा कोई पल गुजरा ही नही

की किसी न किसी दिन

कहीं न कहीं मुलाकात होगी ही

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आओ एक शाम बैठो नदी के किनारे 

आओ एक शाम बैठो नदी के किनारे 

जो है तो बेवजह आओ वक़्त गुजारे 

मैं बातें फिर सारी तुम्हारी करूँगा 

तुम मुझको सुनती जाना 

मैं तेरे मन की कहता जो जाऊं

तुम मेरा मन भी पढ़ती जाना 

इठलाना और मुझसे दूर भागना

और तेरे पीछे मैं दौडूं तेरा नाम पुकारे 

आओ एक शाम बैठो नदी के किनारे

.

जो चाहो तो भर लेना मुझको बाहों में अपनी 

या फिर यूँ ही मेरी ओर देख मुस्कुराना 

की आँखों के इशारे तेरे पढ़ जो लूंगा

तूम मन ही मन सब कहती जाना 

या गर चाहो जो तो मैं दूर नज़र आऊं

पर क्या होगा गर घबराहट मेरी बातें बिगाड़े

आओ एक शाम बैठो नदी के किनारे

.


तेरी अधरें जो कांपी तो अपनी से छु लूंगा 

 हमारे मिलने की बातें सरेआम कह दूंगा 
और तुम मेरे लब पे अपने लब रखो 

की ऐसी रिसवत जो मुझे चुप कराये 

कोई पूछे तेरी हालात तो मेरा नाम दो बताये 

और अगली बार मिलने घंटो खुद को सवारे

आओ एक शाम बैठो नदी के किनारे । । ।

©वैभव सागर 

Repost :- Listen to my heartbeat

​As I listen to yours

Knowing it’s you I adore

My life feels complete

Listen to my heart beat

.
I am happy when you’re here

I don’t feel alone

A Smile does appear

when we talk on the phone

Knowning things ain’t cheat

Listen to my heart beat

So now I shall wait

for you to arrive

I will wait up late

So our love will survive

You the only love i meet

Listen to my heart beat

.
Walk with me a distance 

Come now to sail away

From eyes to lips and 

By from heart and beat

You are my sweetheart

Listen to my heart beat

.

Vaibhav sagar

.

वो अनकहा सा प्यार -1

​पहला दिन पहली नज़र 

मासूम हँसी और 

दिल का मेरे इकरार

वो अनकहा सा प्यार

.

बातें हुइ चंद यादें हुइ 

कुछ खोया खोया लगता था

मुझमे ही तो थी मैं पर

मन सोया सोया रहता था

मुझे झ्झोडा जिसने वो था

एक शर्मीला मेरा यार 

वो अनकहा सा प्यार 

.

था फर्ज हिलोरे मारता

वतन की मोहब्बत कौन जानता

आन्धियां चली मेरे मन में

वो जा रहा था दुर कहीं 

बस आँसू ही थे बिछडन में

थी बातें जुबान पर कयी

पर लब खुल ना पा रहे

बस इतना तो पूछूँ मैं 

“सच मुझे छोडकर जा रहे?”

दिलों में था जो इंकार 

वो अनकहा सा प्यार

.

पलट के भी ना देखना

आँसुओं की कीमत पायी है 

है कोरा सच ये बिल्कुल

इसमे थोडी रुसवाई है 

अगर पलटी मैं या पलटा वो

तो शायद सब थम जाता

जी लेते मिलकर हम 

तो क्युँ ना पलटू इक बार

ये था अनकहा मेरा प्यार
वैभव सागर

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.Story by :- kajal singh

Poem by :- vaibhav sagar 

इक पगली लड़की है

है राह नही ना ही मंज़िल 

बस राही मेरी दोस्त है वो 

एक झल्ली सी लड़की है 

सब पूछे तेरी कौन है वो

. . .

अफ़साने कितने अंजाने हैं 

कुछ नये हैं  कुछ पुराने हैं

कुछ बनते बनते बन जाते

कोई कहते कहते पूछे वो 

इक लड़की देखी थी पागल 

मुझको बता तेरी कौन है वो 

है जबाब नहीं इन सवालों का

बस इक लाचारी सी लगती है 

पर उस पगली की बातें फ़िर 

इन सब पर भारी लगती है 

है नासमझी की हर हद वो

जो बैठ कभी समझूँ उसको 

खुदसे पूछूँ मेरी कौन है वो

. . .


. . .

जब चाहत की बातें आती हैं 

मेरे सर की नस दुख जाती है 

नासमझ मुझे समझाती है 

मैं बातों में बहका जाता हुँ 

और पागल मुझे बेहकाती है 

है दुनियादारी की सारी समझ 

दुनियां के लिये अन्जान है वो 

तू इससे पहले फ़िर पूछे की 

मुझसे मेरी ही पहचान है वो 

तूने जो पगली लड़की देखी है

मेरी दोस्ती का प्यारा नाम है वो . . .

. . .

वैभव सागर

. . .

yes, a boy and a girl can be a good friend… 

All we need to change our mind and our thoughts, just respect as a girl and treat as a friend.

Note it down that one good friend is beeter then 1000 sham friends.

मोहब्बत नाम हो जाये

After a hard time again ,I am  inspired by reading aastha gangwar Posts and by call and texts of mayank bhai .Thank you . . और आपलोगों के लिये खास मोहब्बत नाम हो जाये. . .

तेरे इश्क में मेरा ये इल्जाम हो जाये जो देखूँ तुझको तो मोहब्बत नाम हो जाये

तुझे ढूँढू दर-ब-दर और पालूँ सपनों में ना खोना चाहूँ बस रहना साथ मेरे 

तेरी आंखोँ में जो देखूँ आईना नज़र आये तुम्हारी मासूमियत का भी मोहब्बत नाम हो जाये

तेरी जुल्फें तेरी आंखेँ तू और तेरी बातें मुझे याद आती है तेरे जाने पे तेरी साँसें

तेरी आवाज से मिलकर मेरे अल्फाज गीत बन जाये

दो चार बातें फ़िर करलुं  चर्चे दिवाने आम हो जाये हमारी दीवानगी का भी मोहब्बत नाम हो जाये

तू चले , मैं धूल बनू उड़ जाऊँ हवाओं में तुझसे 

तेरी एक छूवन का एहसास मेरे रोम रोम में बस जाये

तुझको रब मान माँगू तुझी से तू मिल तो ख्वाब मुकम्मल हो जाये

जो तुम हसने लगों बातों से मेरी दो पल यहीं पर रुक जाये

तुम मुझमे मिल जाओ ऐसे की मोहब्बत नाम हो जाये

कभी मेरी किताबों के भी पन्ने चार तुम देख लेना 

हमारे मिलने की बातें कभी  सरेआम तुम कह देना

थोडा मैं बदनाम हुँ इश्क में थोडा तू भी बदनाम हो जाये

हमारे खूबसूरत इश्क का फ़िर मोहब्बत नाम हो जाये. . . 

To be continued. . . 

वैभव सागर

You

​”Your eyes are blue and sparkling like the deepest of seas. 

Your presence, like a sweet, summer breeze.

Your hair is glimmering and golden like sun rays.

Oh how you manage to brighten up my days. 

Your nose is beautiful; big and round,

Oh what a wonderful person I have found!

Your lips are smooth and are well formed,

The whole of your body is perfectly adorned. 

Your laughter is like ripples of energy,

That caresses and moves right through me.

Your voice carries the blessing gift of music,

Soft and inviting with a warmth in it. 

The smile that i see on Your face everyday,

Fills me with joy and makes me proud .

You have brought a peace upon my soul

And have planted a flame in my heart.

You are the masterpiece of the universe,

A step of love

A few of love Flowers, A step on green
The all is in you and with you all i seen.
Your are my luck , so a card to greet
Dinner kiss and rose, the night we meet.
In my words you are the feeling i quote
And a promise to be with on every note
Apart from the life, you the only goal
And i achieved love by with your soul
All the steps i took, believe me for you
You the only you my love believe its true
I know your life can go on without me,

image

you can be happy can survive without me
But even if you turn me away, I will still choose to stay
with you and be your sweetest stranger forever.
These are special feelings for you i can’t explain
But i can make you explain with promises
I promise to be there when you need me,
I promise to hug you tight when you’re lonely,
I promise to wipe your tears when they fall and
I promise to keep you, not for the rest of my life
but for the rest of yours
A few of love flowers , a step on green
The all is in you and with you all i seen.