वो लड़का

वो लड़का आता सकुचाता
एक गठरी लिये कान्धे
फिर कुछ फटा पाता.
न किसी का गुमान
न होने का एहसास
अपने आप में इठ्लाता.
फ़िर उपेछा भरी निगाहे
जनमानस पर डाल
हौले मुस्कुरता .
कुछ छिपाने की कोशिश
खुद को बचाने की कोशिश
मैं आगे बढ जाता.
स्वभिमान भी था
खुद के वजुद के लिये
न चाहते हुए भी खाता.
खुश था या नही
पर खुशी दिखता.
लड़खडाता
फिर सम्भल जाता.
अपनी दुनिया थी
शायद खुद बनायी
एक वो और
उसके जैसे की
वो उनमे समाता.
मुझे जलन देने लगी
उसकी मुस्कान
जा पुछा  पहचान
वो मुकर गया
बिना पहचान
बताये गुजर गया
मेरी गरीबी की तारीफ़
मुझे नज़र आ रही थी
मेरी सोच मुझे रुला
रही थी.
फिर उस जैसा कोई और
आ गया
जीने का मर्म सिखा गया.
वो अब भि आता
है कभी दायेँ कभी बायेँ
नज़र डाले धीरे से चिजे
उठाता.
उसकी झोली उसका पालन
उसका बिछावन.
अब नही जलता हूँ मैं
मुस्कुरा देता देख उसे
फ़िर वो गयब हो जाता. . .

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Vaibhav sagar

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Zindagi ka pehla pyar

Zindagi ka pehla pyaar kon bhulata hain,
Ye phli bar hota h jb koi kisi ko khud se badhkar chahta h…
Uski pasand, uski khwahish me khud ko bhul jata h,
Akele mein uska naam likh likh kar mitata h…
Baat karne se phle sochta h, kya kehna h.,
Baat hone ke baad fir kuch kehna reh jata h..
Hota h itna khoobsurat pehla pyar,
Toh jane kyun aksar adhoora reh jaata h…
by
VaIBhAv

Vaibhav

तू दुआ है

तू मेरी अकीदत तू मेरी वजह , हर शाम और सुबह
तू दुआ है
तेरे लब की मदिरा जो सऱक सरक मेरे होठों पर आती है
मैं मतवाला हो जाता हूं तू धड़क धड़क इतराती है
तू दिल है
मेरे सांसों की शोर में तुम पेवस्त  होती जाती है
फिर तुम मुझसे मिलती हो और बाहें  लिपटी आती है
तू सांस है
तेरी  बाहों  की छाया में मेरी भीनी  सी कुछ यादें हैं
तू खींची चली जाती है मेरी शायरी कहलाती है
तू दर्द  है

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मेरा दिल व्याकुल कठोर सा सहमा डरा जाता है
लेकिन तू चंचल चितवन अविराम अविरल बहती जाती है
तू आंसू  है
हर धर्म  में हर मजहब में तू मुझको मिल जाती है
मेरी अकिदत  मेरी वजह हर शाम शुबह तू दुआ कहलाती है
तू दुआ है

vaibhav

कोई बात नही (koi baat nahe)

तेरी तस्वीर देख कर हम मुस्कुरायेन्गे
तुम सपनो में आके सताना
(कोई बात नही)
तुमसे मिलने समय से पहले आयेन्गे
तुम इंतज़ार कराना
(कोई बात नही)
मिलने पर हम खमोश हो जयेन्गे
फ़िर इशारो में बताना
(कोई बात नही )
न छोडंने का वादा हम करेंगे
चाहे छोड तुम जाना
(कोई बात नही)
फ़िर मैं हर्फ -दर -हर्फ दर्द लिखुन्गा
तुम पढना और मुस्काना
(कोई बात नही)

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Teri tasweer dekh ker hum muskurayenge
tum sapno main aake satana
(koi baat nahe)
tumse milne samay se pehle aayenge
tum intezaar karana
(koi baat nahe)
milne per hum khamosh ho jayenge
fir isharon main batana
(koi baat  Nahe)
na chorne ka wada hum karenge
chahe tum chor jana
(koi baat nahe)
fir main harf -der-harf dard likhungaa
tum padhna or muskurana
(koi baat nahe)

Vaibhav

Or wo kissen

Fir karte hain kisson ko yaad
ye bediyaan
ye samaj
kuch dooriyan
or hamara aagaj
wo pehla pyar
pehli dular
maa or papa
unka vishwas
or
pehli nazar
alag sa asar
mera khona
behen ka khilona
bhai or
ghar pariwar
tera pyar
ujda sansaar
or
dost ki baten
wo mithi yaden
chota sa maidan
jab hum
the insaan
na koi dar
na fikar
jindagi dorahe pe
aa khadi magar
or
choti si baten
ek choclate
dus tukde
pyar se khana
khilana
chugli karna
sab yaad aa gaya.
ankhon ko rula gaya.
aa fir wahe jine chale
fir un kisson ko yaad karen. . .

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Vaibhav

जा ए चंदा

जबसे गयी  छोड  के हमको
जिन्दगी हो गायी सुनसान हो
जा ए चंदा ला दे खबर
कैसी है मेरी जान वो

हमेसा मेरे नजदिक रहती थी वो
छन भर की जुदाई ना सहती थी वो
अब तो देखे बिन मेरी सूरत
हो जाती है कैसे शाम हो
जा ए चंदा ला दे खबर
कैसी है मेरी जान वो
ए चंदा कैसी है मेरी जान वो

क्या मेरे जैसे वो भि रोती होगी
आसू से काजल को धोती होगी
मन नाहि लगता होगा यदी
हो जाती होगी बहुत परेशान वो
जा ए चंदा ला दे खबर
कैसी है मेरी जान वो
ए चंदा कैसी है मेरी जान वो

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जैसे चकोर के बीन तुम अकेले
वैभव की वैसे जिन्दगी कतेगी
कहता है दीवाना
होगी कुछ मजबूरी
तभि दुर है मेरी प्राण हो
जा ए चंदा ला दे खबर
कैसी है मेरी जान वो
ए चंदा कैसी है मेरी जान वो

Vaibhav

नाम की मेहेन्दी

वक्त है आखिरी वैभव का तेरी दुनिया में
हो सके मेह्बूब को बता दो यारों
सुना आज डोली गुजरेगी इस राह उसकी
मेरी मैयत इस राह से हटा दो यारों
बस इक आखिरी आस है मेरी
मेरे खून की मेहेन्दी उसकी हथेली लगा दो यारों

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Vaibhav

ऐसा करना

धूप हो या छाव तुम साथ निभाया करना मेरे चेहरे पे सदा पलकों का सया करना

राह देखुंगा तुम्हारा शर-ए-शाम युन्ही
कभी जल्दी कभी देर से आया करना

डाट लेना शर-ए-मेहफ़िल कोई बात नही पर बाद गले लगाकर मनाया करना

जान जाऊंगा तेरी खुस्बू से मैं तुमको
पीछे से मेरी आंखों को छुपाया करना

जगना चाहुं तो रात भर कर लेना बातें
नींद आये तो सिने पे सुलाया करना

तुम्हारा  वैभव

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Vaibhav